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Language: Hindi
उम्म सलमा (र.अ) ने रिवायत किया: मैंने अल्लाह के रसूल (ﷺ) को कहते सुना: यदि कोई बंदा, मुसीबत के समय, फिर कहता है:
إِنَّا لِلَّهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ، اَللَّهُمَّ أْجُرْنِي فِي مُصِيبَتِي، وَأَخْلِفْ لِي خَيْرًا مِنْهَا
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन, अल्लाहुम्म’ जुरनी फ़ी मुसीबती, वख्लिफ ली ख़ैरन मिन्हा
बेशक हम अल्लाह के लिए हैं और बेशक हम उसी की तरफ लौटने वाले हैं; ऐ अल्लाह, मुझे मेरी मुसीबत का बदला (अजर) दे और मुझे इसके बदले में इससे बेहतर अता कर।
Reference: मुस्लिम: ९१८