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Language: Hindi
सूरह फलक
بِسْمِ اللَّـهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ قُلْ أَعُوْذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ﴿١﴾ مِن شَرِّ مَا خَلَقَ ﴿٢﴾ وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ﴿٣﴾ وَمِن شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ ﴿٤﴾ وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ ﴿٥﴾
बिस्मिल्लाहिर-रहमानिर-रहीम। (१) कुल अऊजु बिरब्बिल-फलक। (२) मिन शर्रि मा ख़लक। (३) व मिन शर्रि ग़ासिक़िन इज़ा वक़ब। (४) व मिन शर्रिन-नफ़्फ़ासाति फ़िल-उक़द। (५) व मिन शर्रि हासिदिन इज़ा हसद
(१) कहो, "मैं सुबह के रब की पनाह मांगता हूँ (२) उस चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की (३) और अंधेरे की बुराई से जब वह छा जाए (४) और गांठों में फूंकने वालों की बुराई से (५) और ईर्ष्या करने वाले की बुराई से जब वह ईर्ष्या करे।" (सूरह फलक: १-५)
Reference: [१] सूरा अल-फ़लक़: १-५ [२] सूरा अन-नास: १-६ [३] सहीह (अल्बानी)। इब्न माजाह: ३५११