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Language: Hindi
जिब्राइल (अ.स) ने पैगंबर (ﷺ) से शैतान का मुकाबला करने के लिए कहा:
أَعُوْذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ الَّتِي لَا يُجَاوِزُهُنَّ بَرٌّ وَلَا فَاجِرٌ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ، وَبَرَأَ وَذَرَأَ، وَمِنْ شَرِّ مَا يَنْزِلُ مِنَ السَّمَاءِ، وَمِنْ شَرِّ مَا يَعْرُجُ فِيهَا، وَمِنْ شَرِّ مَا ذَرَأَ فِي الْأَرْضِ، وَمِنْ شَرِّ مَا يَخْرُجُ مِنْهَا، وَمِنْ شَرِّ فِتَنِ اللَّيْلِ وَالنَّهَارِ، وَمِنْ شَرِّ كُلِّ طَارِقٍ إِلَّا طَارِقًا يَطْرُقُ بِخَيْرٍ يَا رَحْمَنُ
अऊज़ु बिकलिमातिल-लाहित-ताम्मातिल-लती ला युजाविज़ुहुन्ना बर्रुन व ला फाजिरुम मिन शर्रि मा ख़लक, व बरअ व ज़रअ, व मिन शर्रि मा यन्ज़िलु मिनस-समा-इ, व मिन शर्रि मा यअरुजु फीहा, व मिन शर्रि मा ज़रअ फ़िल-अर्ज़ि, व मिन शर्रि मा यखरूजु मिन्हा, व मिन शर्रि फितनिल-लैल वन्-नहारि, व मिन शर्रि कुल्लि तारिक़िन इल्ला तारिक़न यतरुकु बिख़ैरिन या रहमान
मैं अल्लाह के कामिल कलिमात (पूर्ण शब्दों) की पनाह लेता हूँ जिनसे कोई नेक या बदकार (पापी) आगे नहीं बढ़ सकता, हर उस चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की, बनाई और फैलायी। [मैं पनाह लेता हूँ] उस बुराई से जो आसमान से उतरती है और उस बुराई से जो उस पर चढ़ती है। [मैं पनाह लेता हूँ] उस बुराई से जो ज़मीन पर फैली है और उस बुराई से जो उसमें से निकलती है, और रात और दिन के फितनों की बुराई से, और रात में आने वाले की बुराई से सिवाय उसके जो भलाई लाता है, ऐ रहमान।
Reference: शेख़ अरनाऊत (रह.) ने कहा कि इस हदीस की सनद सहीह है। तख़रीज लितहाबिय्याह (पृ. १३३)