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Language: Hindi
वह वज़ू करने के बाद तरतील के साथ इन आयतों और सूरतों का पाठ करेगा। विद्वानों का कहना है कि इन आयतों और सूरतों को कई महीनों तक बार-बार पढ़ने या कैसेट के माध्यम से सुनने से अच्छे परिणाम मिलते हैं।
بِسْمِ اللَّـهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ ﴿١﴾ الْحَمْدُ لِلَّـهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ ﴿٢﴾ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ ﴿٣﴾ مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ ﴿٤﴾ إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ ﴿٥﴾ اهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيمَ ﴿٦﴾ صِرَاطَ الَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ غَيْرِ الْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا الضَّالِّينَ ﴿٧﴾
बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम। अल्हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन...
(१) अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है। (२) सब तारीफें अल्लाह के लिए हैं जो सारे जहानों का रब है - (३) जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है, (४) जो बदले के दिन का मालिक है। (५) हम तेरी ही इबादत करते हैं और तुझ ही से मदद मांगते हैं। (६) हमें सीधा रास्ता दिखा - (७) उन लोगों का रास्ता जिन पर तूने इनाम किया, न कि उन लोगों का जिन पर तेरा गज़ब हुआ और न ही उन का जो गुमराह हुए।
Reference: सूरा अल-फ़ातिहा १