Loading...
Language: Hindi
وَالصَّافَّاتِ صَفًّا ﴿١﴾ فَالزَّاجِرَاتِ زَجْرًا ﴿٢﴾ فَالتَّالِيَاتِ ذِكْرًا ﴿٣﴾ إِنَّ إِلَـٰهَكُمْ لَوَاحِدٌ ﴿٤﴾ رَّبُّ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا وَرَبُّ الْمَشَارِقِ ﴿٥﴾ إِنَّا زَيَّنَّا السَّمَاءَ الدُّنْيَا بِزِينَةٍ الْكَوَاكِبِ ﴿٦﴾ وَحِفْظًا مِّن كُلِّ شَيْطَانٍ مَّارِدٍ ﴿٧﴾ لَّا يَسَّمَّعُونَ إِلَى الْمَلَإِ الْأَعْلَىٰ وَيُقْذَفُونَ مِن كُلِّ جَانِبٍ ﴿٨﴾ دُحُورًا ۖ وَلَهُمْ عَذَابٌ وَاصِبٌ ﴿٩﴾ إِلَّا مَنْ خَطِفَ الْخَطْفَةَ فَأَتْبَعَهُ شِهَابٌ ثَاقِبٌ ﴿١٠﴾
वस साफ्फ़ाति सफ़्फ़ा। फज़ ज़ाजिराति ज़जरा...
(१) कसम है उन (फरिश्तों) की जो पंक्तियाँ बांधकर खड़े हैं, (२) और जो [बादलों को] हांकते हैं, (३) और जो ज़िक्र (संदेश) की तिलावत करते हैं, (४) बेशक, तुम्हारा माबूद एक ही है, (५) जो आसमानों और ज़मीन का और जो कुछ उनके बीच है, उसका रब है और पूरबों का रब है। (६) बेशक, हमने दुनिया के आसमान को सितारों की ज़ीनत से सजाया है, (७) और हर सरकश शैतान से हिफाज़त के लिए, (८) [ताकि] वे आला (फरिश्तों की) मजलिस की बातें न सुन सकें और उन पर हर तरफ से अंगारे फेंके जाते हैं, (९) उन्हें भगाने के लिए; और उनके लिए हमेशा रहने वाला अज़ाब है, (१०) सिवाय उसके जो उचक कर [कुछ बातें] ले भागे, तो एक दहकता हुआ अंगारा उसका पीछा करता है।
Reference: सूरा अस-साफ़्फ़ात ३૭: १-१०