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Language: Hindi
بِسْمِ اللَّـهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ قُلْ أَعُوْذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ﴿١﴾ مِن شَرِّ مَا خَلَقَ ﴿٢﴾ وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ﴿٣﴾ وَمِن شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ ﴿٤﴾ وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ ﴿٥﴾
बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम। कुल अउज़ु बी रब्बिल फ़लक...
(१) कह दो, "मैं सुबह के रब की पनाह मांगता हूँ (२) हर उस चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की (३) और अंधेरे की बुराई से जब वह छा जाए (४) और गांठों में फूंकने वालों की बुराई से (५) और ईर्ष्या करने वाले की बुराई से जब वह ईर्ष्या करे."
Reference: सूरा अल-फ़लक़ ११३