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Language: Hindi
هَـٰذَانِ خَصْمَانِ اخْتَصَمُوا فِي رَبِّهِمْ ۖ فَالَّذِينَ كَفَرُوا قُطِّعَتْ لَهُمْ ثِيَابٌ مِّن نَّارٍ يُصَبُّ مِن فَوْقِ رُءُوسِهِمُ الْحَمِيمُ ﴿١٩﴾ يُصْهَرُ بِهِ مَا فِي بُطُونِهِمْ وَالْجُلُودُ ﴿٢٠﴾ وَلَهُم مَّقَامِعُ مِنْ حَدِيدٍ ﴿٢١﴾ كُلَّمَا أَرَادُوا أَن يَخْرُجُوا مِنْهَا مِنْ غَمٍّ أُعِيدُوا فِيهَا وَذُوقُوا عَذَابَ الْحَرِيقِ ﴿٢٢﴾
हाज़नि खस्मानिख तसमू फी रब्बीहिम...
(१९) ये दो विरोधी हैं जिन्होंने अपने रब के बारे में झगड़ा किया। लेकिन जिन्होंने कुफ्र किया उनके लिए आग के कपड़े काटे गए हैं। उनके सिरों पर खौलता हुआ पानी डाला जाएगा (२०) जिससे वह पिघल जाएगा जो उनके पेट में है और [उनकी] खालें। (२१) और उनके लिए लोहे के हथौड़े हैं। (२२) जब भी वे उससे (जहन्नम से) घबराहट के मारे निकलना चाहेंगे, तो उन्हें उसी में लौटा दिया जाएगा, और [कहा जाएगा], "जलती हुई आग का अज़ाब चखो!"
Reference: सूरा अल-हज्ज २२: १९-२२