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Language: Hindi
وَالَّذِينَ كَفَرُوا أَعْمَالُهُمْ كَسَرَابٍ بِقِيعَةٍ يَحْسَبُهُ الظَّمْآنُ مَاءً حَتَّىٰ إِذَا جَاءَهُ لَمْ يَجِدْهُ شَيْئًا وَوَجَدَ اللَّـهَ عِندَهُ فَوَفَّاهُ حِسَابَهُ ۗ وَاللَّـهُ سَرِيعُ الْحِسَابِ ﴿٣٩﴾
वल्लज़ीना कफरू अमालुहुम क सराबिन...
(३९) लेकिन जिन्होंने कुफ्र किया - उनके काम मैदानी इलाके में एक मृगतृष्णा (Mirage) की तरह हैं जिसे प्यासा पानी समझता है यहाँ तक कि जब वह उसके पास आता है, तो उसे कुछ नहीं पाता बल्कि अल्लाह को अपने पास पाता है, और वह उसका हिसाब पूरा चुका देता है; और अल्लाह जल्द हिसाब लेने वाला है।
Reference: सूरा अन-नूर २४:३९