Loading...
Language: Hindi
وَلَقَدْ أَرْسَلْنَا رُسُلًا مِّن قَبْلِكَ مِنْهُم مَّن قَصَصْنَا عَلَيْكَ وَمِنْهُم مَّن لَّمْ نَقْصُصْ عَلَيْكَ ۗ وَمَا كَانَ لِرَسُولٍ أَن يَأْتِيَ بِآيَةٍ إِلَّا بِإِذْنِ اللَّـهِ ۚ فَإِذَا جَاءَ أَمْرُ اللَّـهِ قُضِيَ بِالْحَقِّ وَخَسِرَ هُنَالِكَ الْمُبْطِلُونَ ﴿٧٨﴾
व लकद अर्सलना रुसुलन मिन কবলिका...
(७८) और हमने आपसे पहले बहुत से रसूल भेजे। उनमें से कुछ के किस्से हमने आपको सुनाए हैं, और उनमें से कुछ के किस्से हमने आपको नहीं सुनाए। और किसी रसूल के लिए यह मुमकिन न था कि वह अल्लाह की इजाज़त के बिना कोई निशानी [या आयत] लाए। फिर जब अल्लाह का हुक्म आ गया, तो हक़ के साथ फैसला कर दिया गया, और वहाँ झूठ बोलने वालों ने [सब कुछ] खो दिया।
Reference: सूरा ग़ाफ़िर ४०:૭८