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Language: Hindi
अल्लाह के रसूल (ﷺ) रात को उठने पर नमाज़ (तहज्जुद) शुरू करते थे। तब वे कहते थे:
اِهْدِنِي لِمَا اخْتُلِفَ فِيهِ مِنَ الْحَقِّ بِإِذْنِكَ إِنَّكَ تَهْدِي مَنْ تَشَاءُ إِلَى صِرَاطٍ مُّسْتَقِيْمٍ
इह्दिनी लिमख्तिलिफ़ा फ़ीहि मिनल-हक़्क़ि बि-इज़्निक, इन्नका तहदी मन तशाउ इला सिरातिम-मुस्तक़ीम
मुझे अपनी अनुमति से उस सत्य की ओर मार्गदर्शन दे जिसमें मतभेद किया गया है, निस्संदेह तू जिसे चाहता है सीधे रास्ते की ओर मार्गदर्शन देता है।
Reference: मुस्लिम: ७७०