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Language: Hindi
رَّبَّنَا عَلَيْكَ تَوَكَّلْنَا وَإِلَيْكَ أَنَبْنَا وَإِلَيْكَ الْمَصِيرُ ﴿٤﴾ رَبَّنَا لَا تَجْعَلْنَا فِتْنَةً لِّلَّذِينَ كَفَرُوا وَاغْفِرْ لَنَا رَبَّنَا ۖ إِنَّكَ أَنتَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ ﴿٥﴾
रब्बना अलैका तवक्कलना व इलैका अनबना...
(४) ऐ हमारे रब, तुझ पर हमने भरोसा किया, और तेरी ही तरफ हम रुजू (लौटे) हुए, और तेरी ही तरफ लौटना है। (५) ऐ हमारे रब, हमें काफिरों के लिए आज़माइश न बना और हमें माफ कर दे, ऐ हमारे रब। बेशक तू ही ज़बरदस्त, हकीम (हिकमत वाला) है।
Reference: सूरा अल-मुम्तहिनाह ६०:४-५