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Language: Hindi
رَبِّ أَوْزِعْنِي أَنْ أَشْكُرَ نِعْمَتَكَ الَّتِي أَنْعَمْتَ عَلَيَّ وَعَلَىٰ وَالِدَيَّ وَأَنْ أَعْمَلَ صَالِحًا تَرْضَاهُ وَأَدْخِلْنِي بِرَحْمَتِكَ فِي عِبَادِكَ الصَّالِحِينَ
रब्बी औज़िनी अन अशकुरा निमतकल लती...
ऐ मेरे रब, मुझे तौफीक दे कि मैं तेरी उस नेमत का शुक्र अदा करूँ जो तूने मुझ पर और मेरे वालिदैन पर की है और यह कि मैं ऐसा नेक अमल करूँ जिससे तू राजी हो जाए। और अपनी रहमत से मुझे अपने नेक बंदों में दाखिल कर।
Reference: सूरा अन-नम्ल २૭:१९