Loading...
Language: Hindi
رَبَّنَا لَا تُؤَاخِذْنَا إِن نَّسِينَا أَوْ أَخْطَأْنَا ۚ رَبَّنَا وَلَا تَحْمِلْ عَلَيْنَا إِصْرًا كَمَا حَمَلْتَهُ عَلَى الَّذِينَ مِن قَبْلِنَا ۚ رَبَّنَا وَلَا تُحَمِّلْنَا مَا لَا طَاقَةَ لَنَا بِهِ ۖ وَاعْفُ عَنَّا وَاغْفِرْ لَنَا وَارْحَمْنَا ۚ أَنتَ مَوْلَانَا فَانصُرْنَا عَلَى الْقَوْمِ الْكَافِرِينَ
रब्बना ला तुआखिज़ना इन नसीजना औ अख़ताना...
ऐ हमारे रब, अगर हम भूल जाएं या गलती कर बैठें तो हमारी पकड़ न कर। ऐ हमारे रब, और हम पर वो बोझ न डाल जैसा तूने हमसे पहले लोगों पर डाला था। ऐ हमारे रब, और हमसे वो बोझ न उठावा जिसकी हममें ताकत नहीं। और हमें माफ कर दे; और हमारी बख्शिश कर; और हम पर रहम कर। तू हमारा मौला है, तो काफिर कौम के मुकाबले में हमारी मदद कर।
Reference: सूरा अल-बक़रह २:२८६