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Language: Hindi
मूसा (अ.स.) के बारे में, अल्लाह फरमाता है:
رَبِّ بِمَا أَنْعَمْتَ عَلَيَّ فَلَنْ أَكُونَ ظَهِيرًا لِّلْمُجْرِمِينَ
रब्बी बिमा अनअम्ता अलैय्या फ़लन अकूल ज़हीरन...
ऐ मेरे रब, जैसा कि तूने मुझ पर एहसान किया है, मैं कभी मुजरिमों का मददगार नहीं बनूँगा।
Reference: सूरा अल-क़िसस २८:१૭