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Language: Hindi
अनस इब्न मालिक (र.अ.) से रिवायत है: रसूल अल्लाह (ﷺ) फरमाया करते थे:
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوْذُ بِكَ مِنَ الْعَجْزِ وَالْكَسَلِ وَالْجُبْنِ وَالْهَرَمِ، وَالْبُخْلِ وَأَعُوْذُ بِكَ مِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ وَمِنْ فِتْنَةِ الْمَحْيَا وَالْمَمَاتِ
अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ु बिका मिनल-अज्ज़ि, वल-कसलि, वल-जुब्नि, वल-हरमि, वल-बुख़लि, व अऊज़ु बिका मिन अज़ाबिल-क़ब्र, व मिन फ़ितनतिल-मह्या वल-ममात.
ऐ अल्लाह, मैं तेरी पनाह मांगता हूँ लाचारी से, सुस्ती से, बुज़दिली से, बुढ़ापे से (सठिया जाने से), और कंजूसी से, और मैं तेरी पनाह मांगता हूँ कब्र के अज़ाब से और ज़िंदगी और मौत के फितने से।
Reference: बुख़ारी: ६३६७, मुस्लिम: २७०६