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Language: Hindi
अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन अल-आस (र.अ.) ने रिवायत किया कि उन्होंने अल्लाह के रसूल (ﷺ) को यह कहते हुए सुना: बेशक आदम के बेटों के दिल रहमान (अल्लाह) की उंगलियों में से दो उंगलियों के बीच एक दिल की तरह हैं। वह उन्हें जिस तरफ चाहता है फेर देता है। फिर अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने फरमाया:
اَللَّهُمَّ مُصَرِّفَ الْقُلُوْبِ صَرِّفْ قُلُوْبَنَا عَلَى طَاعَتِكَ
अल्लाहुम्मा मुसर्रिफ़ल-कुलूबि, सर्रिफ़ कुलूबना अला ता-अतिक.
ऐ अल्लाह, दिलों को फेरने वाले, हमारे दिलों को अपनी ताअत (फरमाबरदारी) की तरफ फेर दे।
Reference: मुस्लिम: २६५५