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Language: Hindi
बुस्र इब्न अरता (र.अ.) से रिवायत है, उन्होंने कहा, मैंने अल्लाह के रसूल (ﷺ) को यह दुआ मांगते हुए सुना:
اَللَّهُمَّ أَحْسِنْ عَاقِبَتَنَا فِي الْأُمُورِ كُلِّهَا وَأَجِرْنَا مِنْ خِزْيِ الدُّنْيَا وَعَذَابِ الْاَخِرَةِ
अल्लाहुम्मा अहसिन आकिबतना फ़िल-उमूरि कुल्लिहा, व अजिरना मिन खिज़-यिद-दुन्या व अज़ाबिल-आख़िरह.
ऐ अल्लाह! हमारे तमाम मामलों का अंजाम अच्छा कर, और हमें दुनिया की रुसवाई और आख़िरत के अज़ाब से बचा।
Reference: सहीह (सुयूती)। जामीअस सगीर: १४५०