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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ إِنَّا نَسْأَلُكَ مِنْ خَيْرِ مَا سَأَلَكَ مِنْهُ نَبِيُّكَ مُحَمَّدٌ وَنَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّ مَا اسْتَعَاذَ بِكَ مِنْهُ نَبِيُّكَ مُحَمَّدٌ وَأَنْتَ الْمُسْتَعَانُ وَعَلَيْكَ الْبَلَاغُ وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ
अल्लाहुम्मा इन्ना नस-अलुका मिन ख़ैरि मा स-अलका मिन्हु नबिय्युका मुहम्मदुन, व नऊज़ु बिका मिन शर्रि मस-त-आज़ा बिका मिन्हु नबिय्युका मुहम्मदुन, व अन्तल-मुस्त-आनु व अलैकाल-बलाग़, व ला हवला व ला कुव्वता इल्ला बिल्लाह.
ऐ अल्लाह, हम तुझसे उस भलाई का सवाल करते हैं जिसका सवाल तेरे नबी मुहम्मद (ﷺ) ने तुझसे किया, और हम तेरी पनाह मांगते हैं उस बुराई से जिससे तेरे नबी मुहम्मद (ﷺ) ने तेरी पनाह मांगी, और तू ही है जिससे मदद मांगी जाती है, और (मंज़िल तक) पहुँचाना तेरे ही ज़िम्मे है, और अल्लाह की मदद के बिना (बुराई से बचने की) कोई ताकत और (नेकी करने की) कोई कुव्वत नहीं।
Reference: हसन (अश-शौकानी)। तोहफ़तुल ज़ाकिरीन: ४८९