Loading...
Language: Hindi
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ فِعْلَ الْخَيْرَاتِ وَتَرْكَ الْمُنْكَرَاتِ وَحُبَّ الْمَسَاكِيْنِ وَأَنْ تَغْفِرَ لِي وَتَرْحَمَنِي وَإِذَا أَرَدْتَ فِتْنَةَ قَوْمٍ فَتَوَفَّنِيْ غَيْرَ مَفْتُوْنٍ وَأَسْأَلُكَ حُبَّكَ وَحُبَّ مَنْ يُحِبُّكَ وَحُبَّ عَمَلٍ يُقَرِّبُ إِلَى حُبِّكَ
अल्लाहुम्मा इन्नी अस-अलुका फ़िअ्लल-ख़ैराति, व तर्कल-मुन्कराति, व हुब्बल-मसाकीनि, व अन तग़्फ़िरा ली व तरहामनी व इज़ा अरदता फ़ितनता क़ौमिन फ़-तवफ़्फ़नी ग़ैरा मफ़-तून, व अस-अलुका हुब्बका व हुब्बा मन यु-हिब्बुका, व हुब्बा अमलिन युकर्रिबु इला हुब्बिक.
ऐ अल्लाह, मैं तुझसे नेक काम करने, बुरे कामों को छोड़ने और गरीबों से मोहब्बत करने की तौफीक मांगता हूँ, और यह कि तू मुझे माफ कर दे और मुझ पर रहम फरमा। और जब तू किसी कौम को आज़माइश में डालने का इरादा करे, तो मुझे आज़माइश में डाले बिना (अपने पास) बुला ले। और मैं तुझसे तेरी मोहब्बत मांगता हूँ, और उसकी मोहब्बत जो तुझसे मोहब्बत करता है, और उस अमल की मोहब्बत जो तेरी मोहब्बत के करीब कर दे।
Reference: [१] अर्थात: वे कार्य जिनसे पापों की क्षमा होती है [२] सहीह. तिर्मिज़ी: ३२३५