Loading...
Language: Hindi
आयशा (र.अ.) से रिवायत है, उन्होंने कहा, अल्लाह के रसूल (ﷺ) इस तरह दुआ करते थे:
اَللَّهُمَّ اجْعَلْ أَوْسَعَ رِزْقِكَ عَلَيَّ عِنْدَ كِبَرِ سِنِّيْ وَانْقِطَاعِ عُمُرِيْ
अल्लाहुम्मज-अल औस-अ रिज़्क़िका अलैय्या इन्द किबरि सिन्नी वन-क़िता-इ उमूरी.
ऐ अल्लाह, मेरा रिज़्क़ (रोज़ी) उस वक्त सबसे ज़्यादा कर दे जब मैं बूढ़ा हो जाऊँ और मेरी उम्र खत्म होने वाली हो।
Reference: सहीह (सुयूती)। जामीअस सगीर: १४८५