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Language: Hindi
अबू हुरैरा (र.अ.) से रिवायत है: पैगंबर (ﷺ) कहा करते थे:
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوْذُ بِكَ مِنَ الْفَقْرِ، وَالْقِلَّةِ، وَالذِّلَّةِ، وَأَعُوْذُ بِكَ مِنْ أَنْ أَظْلِمَ أَوْ أُظْلَمَ
अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ु बिका मिनल-फ़क़्रि, वल-क़िल्लति, वज़-ज़िल्लति, व अऊज़ु बिका मिन अन अज़लिमा अव उज़लम.
ऐ अल्लाह, मैं तेरी पनाह मांगता हूँ फकीरी से, और कमी (तंगदस्ती) से, और ज़िल्लत से, और मैं तेरी पनाह मांगता हूँ इस बात से कि मैं किसी पर जुल्म करूँ या मुझ पर जुल्म किया जाए।
Reference: सहीह. अबू दाऊद: १५४४