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Language: Hindi
अनस इब्न मालिक (र.अ.) से रिवायत है: पैगंबर (ﷺ) ये दुआएं पढ़ा करते थे:
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوْذُ بِكَ مِنْ عِلْمٍ لَا يَنْفَعُ وَقَلْبٍ لَا يَخْشَعُ وَدُعَاءٍ لَا يُسْمَعُ وَنَفْسٍ لَا تَشْبَعُ اَللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوْذُ بِكَ مِنْ هَؤُلَاءِ الْأَرْبَعِ
अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ु बिका मिन इल्मिन ला यन्फ़-उ, व क़ल्बिन ला यख़-श-उ, व दुआइन् ला यस्-म-उ, व नफ़्सिन ला तश्ब-उ. अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ु बिका मिन हा-उलाइल-अरब-इ.
ऐ अल्लाह, मैं तेरी पनाह मांगता हूँ ऐसे इल्म से जो नफा न दे, और ऐसे दिल से जो तेरे डर से न झुके, और ऐसी दुआ से जो सुनी न जाए, और ऐसे नफ़्स से जो कभी न भरे (सैर न हो)। ऐ अल्लाह, मैं तेरी पनाह मांगता हूँ इन चारों चीज़ों से।
Reference: सहीह. नसाई: ५४७०