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Language: Hindi
पैगंबर (ﷺ) फज्र की नमाज़ अदा करते थे, सलाम फेरने के बाद, वे कहते थे:
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ عِلْمًا نَافِعًا وَرِزْقًا طَيِّبًا وَعَمَلًا مُتَقَبَّلًا
अल्लाहुम्मा इन्नी अस-अलुका इल्मन नाफ़ि-अन, व रिज़्क़न तय्यिबन, व अमलन मुतक़ब्बलन.
ऐ अल्लाह, मैं तुझसे नफा देने वाले इल्म, पाक (हलाल) रिज़्क़ और कुबूल होने वाले अमल का सवाल करता हूँ।
Reference: सहीह. इब्न माजा: ९२५