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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ بِأَنَّ لَكَ الْحَمْدُ لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ الْمَنَّانُ بَدِيْعُ السَّمَوَاتِ وَالْأَرْضِ يَا ذَا الْجَلَالِ وَالْإِكْرَامِ يَا حَيُّ يَا قَيُّومُ إِنِّي أَسْأَلُكَ
अल्लाहुम्मा इन्नी अस-अलुका बि-अन्न लकल-हम्दु, ला इलाहा इल्ला अन्तल-मन्नानु बदी-उस-समावाति वल-अर्ज़ि, या ज़ल-जलालि वल-इकराम! या हय्यु या क़य्यूम! इन्नी अस-अलुका.
ऐ अल्लाह, बेशक मैं तुझसे सवाल करता हूँ क्योंकि तमाम तारीफें तेरे ही लिए हैं, तेरे सिवा कोई माबूद नहीं, तू बड़ा एहसान करने वाला, आसमानों और ज़मीन का पैदा करने वाला है, ऐ जलाल और इकराम वाले! ऐ हमेशा ज़िंदा रहने वाले, ऐ कायम रहने वाले! मैं तुझसे सवाल करता हूँ।
Reference: सहीह. अन-नसाई: १३००