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Language: Hindi
नबी (ﷺ) ने एक व्यक्ति को दुआ करते हुए सुना, जो कह रहा था -
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ بِأَنَّ أَشْهَدُ أَنَّكَ أَنْتَ اللَّهُ لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ الْأَحَدُ الصَّمَدُ الَّذِيْ لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُوْلَدْ وَلَمْ يَكُنْ لَهُ كُفُوًا أَحَدٌ
अल्लाहुम्मा इन्नी अस-अलुका बी अन्ना अश-हदु अन्नका अन्-तल्लाहु ला इलाहा इल्ला अन्-तल अहदुस-समदुल्लज़ी लम यलिद व लम यूलद व लम यकुन लहू कुफूवन अहद
ऐ अल्लाह, मैं तुझसे मांगता हूँ, इस बात के वास्ते से कि मैं गवाही देता हूँ कि तू ही अल्लाह है। तेरे सिवा कोई माबूद नहीं, तू अकेला है, बेनियाज़ (जिसे किसी की ज़रूरत नहीं), न उसने किसी को जना और न वह किसी से जना गया, और उसके बराबर कोई नहीं। तब नबी (ﷺ) ने कहा, 'तुमने अल्लाह से उसके सबसे बड़े नाम (इस्म-ए-आज़म) के साथ दुआ की है, जब इस नाम से मांगा जाता है तो वह देता है, और जब इस नाम से दुआ की जाती है तो वह जवाब देता है।'
Reference: सहीह (अल्बानी)। नसाई: १३००