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Language: Hindi
पैगंबर (ﷺ) ने फरमाया:
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوْذُ بِكَ مِنْ شَرِّ نَفْسِيْ وَأَسْأَلُكَ أَنْ تَعْزِمَ لِي عَلَى رُشْدِ أَمْرِيْ
अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ु बिका मिन शर्रि नफ़्सी व अस-अलुका अन त-ज़िमा ली अला रुश्दि अम्री.
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे अपने नफ़्स की बुराई से पनाह मांगता हूँ और मैं तुझसे सवाल करता हूँ कि तू मेरे मामले में मेरी सही रहनुमाई (हिदायत) का फैसला फरमा।
Reference: सहीह (अल वादी)। सहीहुल मुसनद: ३२२