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Language: Hindi
अल्लाह के रसूल (ﷺ) हमें हुक्म देते थे कि जब हम अपने बिस्तर पर जाएं, तो हमें ये कलिमात कहने चाहिए:
اَللَّهُمَّ رَبَّ السَّمَوَاتِ وَرَبَّ الْأَرْضِ، وَرَبَّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ، رَبَّنَا وَرَبَّ كُلِّ شَيْءٍ، فَالِقَ الْحَبِّ وَالنَّوَى، وَمُنْزِلَ التَّوْرَاةِ وَالْإِنْجِيْلِ وَالْفُرْقَانِ، أَعُوْذُ بِكَ مِنْ شَرِّ كُلِّ شَيْءٍ أَنْتَ آخِذٌ بِنَاصِيَتِهِ، اَللَّهُمَّ أَنْتَ الْأَوَّلُ فَلَيْسَ قَبْلَكَ شَيْءٌ، وَأَنْتَ الْآخِرُ فَلَيْسَ بَعْدَكَ شَيْءٌ، وَأَنْتَ الظَّاهِرُ فَلَيْسَ فَوْقَكَ شَيْءٌ، وَأَنْتَ الْبَاطِنُ فَلَيْسَ دُونَكَ شَيْءٌ، اِقْضِ عَنَّا الدَّيْنَ وَأَغْنِنَا مِنَ الْفَقْرِ
अल्लाहुम्मा रब्बस-समावाति व रब्बिल अर्ज़ि, व रब्बिल-अर्शिल-अज़ीम, रब्बना व रब्बा कुल्लि शै-इन, फ़ालिक़ल-हब्बि वन्नवा, व मुन्ज़िलत-तौराति वल-इन्जीलि, वल-फ़ुरक़ान, अऊज़ु बिका मिन शर्रि कुल्लि शै-इन अन्त आख़िज़ुन बिनासियतिहि. अल्लाहुम्मा अन्तल-अव्वलु फ़-लैसा क़ब्लका शै-उन, व अन्तल-आख़िरु फ़-लैसा ब-दका शै-उन, व अन्तज़-ज़ाहिरु फ़-लैसा फ़ौक़का शै-उन, व अन्तल-बातिनु फ़-लैसा दूनका शै-उन, इक़्ज़ि अन्नद-दैना व अग़्निना मिनल-फ़क़्र.
ऐ अल्लाह, आसमानों के रब और ज़मीन के रब, और अर्श-ए-अज़ीम के रब, हमारे रब और हर चीज़ के रब, दाने और गुठली को फाड़ने वाले, और तौरात और इंजील और फुरकान (कुरआन) को नाज़िल करने वाले, मैं तेरी पनाह मांगता हूँ हर उस चीज़ की बुराई से जिसकी पेशानी तेरे हाथ में है (यानी जो तेरे काबू में है)। ऐ अल्लाह, तू ही अव्वल है तो तुझसे पहले कुछ नहीं, और तू ही आख़िर है तो तेरे बाद कुछ नहीं, और तू ही ज़ाहिर है तो तेरे ऊपर कुछ नहीं, और तू ही बातिन (पोशीदा) है तो तेरे परे कुछ नहीं। हमारा कर्ज़ अदा कर दे और हमें फकीरी से गनी (बेश-परवाह) कर दे।
Reference: मुस्लिम: २७१३