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Language: Hindi
رَبَّنَا أَصْلِحْ بَيْنَنَا، وَاهْدِنَا سَبِيلَ الْإِسْلَامِ، وَنَجِّنَا مِنَ الظُّلُمَاتِ إِلَى النُّورِ، وَاصْرِفْ عَنَّا الْفَوَاحِشَ مَا ظَهْرَ مِنْهَا وَمَا بَطَنَ، وَبَارِكْ لَنَا فِي أَسْمَاعِنَا وَأَبْصَارِنَا وَقُلُوبِنَا وَأَزْوَاجِنَا وَذُرِّيَّاتِنَا، وَتُبْ عَلَيْنَا إِنَّكَ أَنْتَ التَّوَّابُ الرَّحِيمُ، وَاجْعَلْنَا شَاكِرِينَ لِنِعْمَتِكَ، مُثْنِينَ بِهَا، قَائِلِينَ بِهَا، وَأَتْمِمْهَا عَلَيْنَا
रब्बना अस्लिह बैनना वह-दिना सबीलल इस्लाम, व नज्जिना मिनज़-ज़ुलुमाति इलन-नूर वसरिफ़ अन्नाल फ़वाहिशा मा ज़हरा मिन्हा व मा बतना व बारिक लना फ़ी अस्मा-इना व अब्सारिना व कुलूबिना व अज़वाजिना व र्रिय्यातिना व तुब अलैना इन्नका अन्तत तव्वाबुर रहीम वज-अल्ना शाकिरीना लिनि-मतिका मुस्-नीना बिहा क़ा-इलीना बिहा व अत्मिमहा अलैना.
ऐ हमारे रब, हमारे दरमियान सुलह करा दे और हमें इस्लाम के रास्ते की हिदायत दे। हमें अंधेरों से बचाकर रोशनी (नूर) की तरफ ला। और हमसे बेहयाई को दूर कर दे, चाहे वो ज़ाहिर हो या छिपी हुई। और हमारे कानों, हमारी आँखों, हमारे दिलों, हमारी बीवियों और हमारी औलाद में बरकत दे। और हमारी तौबा कुबूल फरमा, बेशक तू ही तौबा कुबूल करने वाला, निहायत रहम वाला है। और हमें अपनी नेमतों का शुक्र अदा करने वाला बना, उनकी तारीफ करने वाला और उनका इकरार करने वाला बना, और उन (नेमतों) को हम पर पूरा कर दे।
Reference: सहीह. सहीह अदबुल मुफ़्रद: ६३०