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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي وَاهْدِنِيْ وَارْزُقْنِيْ وَعَافِنِيْ أَعُوْذُ بِاللَّهِ مِنْ ضِيْقِ الْمَقَامِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ
अल्लाहुम्मग़-फ़िर ली, वह-दिनी, वर-ज़ुक़्नी व आफ़िनी. अऊज़ु बिल्लाहि मिन ज़ीक़िल-मक़ामि यौमल-क़ियामह.
ऐ अल्लाह, मुझे माफ कर दे, मुझे हिदायत दे, मुझे रोज़ी दे और मुझे आफियत (सेहत) दे। मैं अल्लाह की पनाह मांगता हूँ कयामत के दिन जगह की तंगी से (खड़े होने की मुश्किल से)।
Reference: हसन सहीह. नसाई: १६१७