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Language: Hindi
पैगंबर (ﷺ) ने फरमाया:
اَللَّهُمَّ مَتِّعْنِيْ بِسَمْعِيْ وَبَصَرِيْ وَاجْعَلْهُمَا الْوَارِثَ مِنِّيْ وَانْصُرْنِيْ عَلَى عَدُوِّيْ وَأَرِنِيْ مِنْهُ ثَأْرِيْ
अल्लाहुम्मा मत्ति-अनी बि सम्-ई व बसरी वज-अल्हुमल-वारिसा मिन्नी, वन-सुर्नी अला अदुव्वी व-अरिनी मिन्हु बि स्र-री.
ऐ अल्लाह, मुझे मेरे कानों और मेरी आँखों से नफा पहुँचा और उन्हें मेरा वारिस बना (यानी मरते दम तक सलामत रख), और मेरे दुश्मन के खिलाफ मेरी मदद कर और उससे मेरा बदला मुझे दिखा।
Reference: सहीह. अदबुल मुफ़्रद: ६५०