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Language: Hindi
अल्लाह के रसूल (ﷺ) इस तरह दुआ किया करते थे:
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ عِيْشَةً نَقِيَّةً وَمِيْتَةً سَوِيَّةً وَمَرَدًّا غَيْرَ مُخْزٍ وَلَا فَضِحٍ
अल्लाहुम्मा इन्नी अस-अलुका ईशतन नक़िय्यतन, व मीततन सविय्यतन व मरद्दन ग़ैर मुख़ज़िव-वला फ़ाज़िह.
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे पाकीज़ा ज़िन्दगी, और अच्छी (बराबर) मौत, और ऐसी वापसी का सवाल करता हूँ जो रुसवा करने वाली और फज़ीहत वाली न हो।
Reference: सहीह (सुयूती)। जामीअस सगीर: १५०५