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तौबा और इस्तिगफ़ार की दुआ
Language: Hindi
पैगंबर (ﷺ) दिन में सत्तर बार से ज़्यादा यह पढ़ते थे:
أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ وَأَتُوْبُ إِلَيْهِ
अस्तग़-फ़िरुल्लाहा व अतूबु इलैहि.
मैं अल्लाह से माफी मांगता हूँ और उसकी तरफ तौबा (रुजू) करता हूँ।
Reference: बुख़ारी: ६३०७