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Language: Hindi
وَلَقَدْ نَصَرَكُمُ اللَّـهُ بِبَدْرٍ وَأَنتُمْ أَذِلَّةٌ ۖ فَاتَّقُوا اللَّـهَ لَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ ﴿١٢٣﴾ إِذْ تَقُولُ لِلْمُؤْمِنِينَ أَلَن يَكْفِيَكُمْ أَن يُمِدَّكُمْ رَبُّكُم بِثَلَاثَةِ آلَافٍ مِّنَ الْمَلَائِكَةِ مُنزَلِينَ ﴿١٢٤﴾ بَلَىٰ ۚ إِن تَصْبِرُوا وَتَتَّقُوا وَيَأْتُوكُم مِّن فَوْرِهِمْ هَـٰذَا يُمْدِدْكُمْ رَبُّكُم بِخَمْسَةِ آلَافٍ مِّنَ الْمَلَائِكَةِ مُسَوِّمِينَ ﴿١٢٥﴾ وَمَا جَعَلَهُ اللَّـهُ إِلَّا بُشْرَىٰ لَكُمْ وَلِتَطْمَئِنَّ قُلُوبُكُم بِهِ ۗ وَمَا النَّصْرُ إِلَّا مِنْ عِندِ اللَّـهِ الْعَزِيزِ الْحَكِيمِ ﴿١٢٦﴾
व लकद नसरकुमल्लाहु बी बदरिन...
(१२३) और अल्लाह ने बद्र में तुम्हारी मदद की जबकि तुम कमज़ोर थे। तो अल्लाह से डरो; शायद तुम शुक्रगुज़ार बनो। (१२४) [याद करो] जब तुम मोमिनों से कह रहे थे, "क्या तुम्हारे लिए यह काफी नहीं कि तुम्हारा रब तीन हजार फरिश्ते उतार कर तुम्हारी मदद करे? (१२५) हाँ, अगर तुम सब्र करो और तक़वा इख्तियार करो और वे (दुश्मन) तुम पर अचानक आ पड़ें, तो तुम्हारा रब पांच हजार निशान लगाए हुए फरिश्तों से तुम्हारी मदद करेगा। (१२६) और अल्लाह ने इसे महज़ तुम्हारे लिए खुशखबरी बनाया और ताकि तुम्हारे दिलों को इससे इत्मीनान हो। और मदद सिर्फ अल्लाह, ज़बरदस्त और हिकमत वाले की तरफ से है -
Reference: सूरा आले इमरान ३: १२३-१२६