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Language: Hindi
اَلَّذِينَ قَالَ لَهُمُ النَّاسُ إِنَّ النَّاسَ قَدْ جَمَعُوا لَكُمْ فَاخْشَوْهُمْ فَزَادَهُمْ إِيمَانًا وَقَالُوا حَسْبُنَا اللَّـهُ وَنِعْمَ الْوَكِيلُ ﴿١٧٣﴾ فَانقَلَبُوا بِنِعْمَةٍ مِّنَ اللَّـهِ وَفَضْلٍ لَّمْ يَمْسَسْهُمْ سُوءٌ وَاتَّبَعُوا رِضْوَانَ اللَّـهِ ۗ وَاللَّـهُ ذُو فَضْلٍ عَظِيمٍ ﴿١٧٤﴾
अल्लज़ीना काला लहुमुन नासु इन्नन नासा...
(१७३) वो लोग जिनसे लोगों ने कहा, "बेशक लोगों ने तुम्हारे खिलाफ (लश्कर) जमा किया है, तो उनसे डरो।" लेकिन इसने उनके ईमान को और बढ़ा दिया, और उन्होंने कहा, "हमारे लिए अल्लाह काफी है, और वह बेहतरीन कारसाज़ (काम बनाने वाला) है।" (१७४) तो वे अल्लाह की नेमत और फज़्ल के साथ लौटे, उन्हें कोई बुराई नहीं छू सकी। और उन्होंने अल्लाह की रज़ा की पैरवी की, और अल्लाह बड़े फज़्ल वाला है।
Reference: सूरा आले इमरान ३: १૭३-१૭४