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Language: Hindi
يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا اذْكُرُوا نِعْمَةَ اللَّهِ عَلَيْكُمْ إِذْ جَاءَتْكُمْ جُنُودٌ فَأَرْسَلْنَا عَلَيْهِمْ رِيحًا وَجُنُودًا لَّمْ تَرَوْهَا ۚ وَكَانَ اللَّهُ بِمَا تَعْمَلُونَ بَصِيرًا ﴿٩﴾ إِذْ جَاءُوكُم مِّن فَوْقِكُمْ وَمِنْ أَسْفَلَ مِنكُمْ وَإِذْ زَاغَتِ الْأَبْصَارُ وَبَلَغَتِ الْقُلُوبُ الْحَنَاجِرَ وَتَظُنُّونَ بِاللَّهِ الظُّنُونَا ﴿١٠﴾ هُنَالِكَ ابْتُلِيَ الْمُؤْمِنُونَ وَزُلْزِلُوا زِلْزَالًا شَدِيدًا ﴿١١﴾
या अय्युहल्लज़ीना आमनुज़ कुरु निमतल्लाहि अलैकुम...
(९) ऐ ईमान वालों! अल्लाह की उस नेमत को याद करो जो उसने तुम पर की, जब लश्कर तुम पर चढ़ आए, तो हमने उन पर हवा भेजी और ऐसे लश्कर (फरिश्ते) भेजे जिन्हें तुमने नहीं देखा। और अल्लाह उसे देख रहा था जो तुम कर रहे थे। (१०) जब वे तुम्हारे ऊपर से और तुम्हारे नीचे से आ गए, और जब आँखें पथरा गईं, और दिल गले तक आ गए, और तुम अल्लाह के बारे में तरह-तरह के गुमान करने लगे। (११) वहाँ मोमिनों को आज़माया गया और उन्हें सख्त झटके दिए गए।
Reference: [१] सूरा अल-अहज़ाब ३३: ९-११ [२] ज़ादुल मआद: ३/२૭४