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Language: Hindi
أَمْسَيْنَا وَأَمْسَا الْمُلْكُ لِلَّهِ، وَالْحَمْدُ لِلَّهِ، لَا إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ، رَبِّ أَسْأَلُكَ خَيْرَ مَا فِي هَذِهِ اللَّيْلَةِ وَخَيْرَ مَا بَعْدَهَا، وَأَعُوْذُ بِكَ مِنْ شَرِّ مَا فِي هَذِهِ اللَّيْلَةِ وَشَرِّ مَا بَعْدَهَا، رَبِّ أَعُوْذُ بِكَ مِنَ الْكَسَلِ وَسُوْءِ الْكِبَرِ، رَبِّ أَعُوْذُ بِكَ مِنْ عَذَابٍ فِي النَّارِ وَعَذَابٍ فِي الْقَبْرِ
अमसयना व अमसल-मुल्कु लिल्लाहि वल-हम्दु लिल्लाहि, ला इलाहा इल्लल्लाहु वहदहू ला शरीका लहू, लहुल-मुल्कु व लहुल-हम्दु व हुवा अला कुल्ली शैइन क़दीर। रब्बी अस-अलुका खैरा मा फी हाज़िहिल-लैलति व खैरा मा बादहा व अऊज़ु बिका मिन शर्रि मा फी हाज़िहिल-लैलति व शर्रि मा बादहा, रब्बी अऊज़ु बिका मिनल-कसली, व सूइल्-किबरी, रब्बी अऊज़ु बिका मिन अज़ाबिन फिन-नारी व अज़ाबिन फिल-क़ब्र।
हमने शाम की और इस वक्त (पूरी) बादशाही अल्लाह की है, और सब तारीफ अल्लाह के लिए है। अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं, उसी की बादशाही है और तारीफ उसी के लिए है और वह हर चीज़ पर कादिर है। ऐ मेरे रब, मैं तुझसे इस रात की भलाई और इसके बाद आने वाली (रातों) की भलाई मांगता हूँ और मैं तेरी पनाह चाहता हूँ इस रात की बुराई से और इसके बाद आने वाली बुराई से। ऐ मेरे रब, मैं आलस्य और बुढ़ापे की बुराई से तेरी पनाह चाहता हूँ। ऐ मेरे रब, मैं आग (जहन्नम) के अज़ाब और कब्र के अज़ाब से तेरी पनाह चाहता हूँ। अब्दुल्ला इब्न मसूद (रज़ि.) ने कहा, अल्लाह के रसूल (ﷺ) हर सुबह और शाम को ऊपर बताई गई दुआ पढ़ते थे। सुबह में वह अस्बहना... पढ़ते थे और शाम को वह अस्बहना की जगह अमसयना... पढ़ते थे।
Reference: मुस्लिम: २૭२३