Loading...
Language: Hindi
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوْذُ بِكَ مِنَ الْعَجْزِ وَالْكَسَلِ وَالْجُبْنِ وَالْبُخْلِ وَالْهَرَمِ وَعَذَابِ الْقَبْرِ، اَللَّهُمَّ آتِ نَفْسِيْ تَقْوَاهَا وَزَكِّهَا أَنْتَ خَيْرُ مَنْ زَكَّاهَا أَنْتَ وَلِيُّهَا وَمَوْلَاهَا، اَللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوْذُ بِكَ مِنْ عِلْمٍ لَا يَنْفَعُ وَمِنْ قَلْبٍ لَا يَخْشَعُ وَمِنْ نَفْسٍ لَا تَشْبَعُ وَمِنْ دَعْوَةٍ لَا يُسْتَجَابُ لَهَا.
अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ु बिका मिनल-अज्ज़ि वल-कसलि, वल-जुब्नि वल-बुख़्लि, वल-हरमि व अज़ाबिल-क़ब्र, अल्लाहुम्मा आति नफ़्सी तक़्वाहा व ज़क्किहा अन्ता ख़ैरु मन ज़क्काहा अन्ता वलिय्युहा व मौलाहा, अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ु बिका मिन इल्मिन ला यन्फ़-उ, व मिन क़ल्बिन ला यख़्श-उ, व मिन नफ़्सिन ला तश्ब-उ, व मिन द-वतिन ला युस्तजाबु लहा.
ऐ अल्लाह, मैं तेरी पनाह मांगता हूँ आजीज़ी (बेबसी) और सुस्ती से, बुज़दिली और कंजूसी से, बुढ़ापे की कमजोरी और कब्र के अज़ाब से। ऐ अल्लाह, मेरे नफ़्स को परहेज़गारी अता कर और उसे पाक कर दे, तू ही उसे सबसे बेहतर पाक करने वाला है, तू ही उसका वली और मौला है। ऐ अल्लाह, मैं तेरी पनाह मांगता हूँ ऐसे इल्म से जो नफा न दे, ऐसे दिल से जो (तेरे डर से) न झुके, ऐसे नफ़्स से जो (दुनिया से) न भरे (सैर न हो), और ऐसी दुआ से जो कुबूल न की जाए।
Reference: मुस्लिम: २७२२