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Language: Hindi
أَعُوْذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ الَّتِي لَا يُجَاوِزُهُنَّ بَرٌّ وَلَا فَاجِرٌ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ، وَبَرَأَ وَذَرَأَ، وَمِنْ شَرِّ مَا يَنْزِلُ مِنَ السَّمَاءِ، وَمِنْ شَرِّ مَا يَعْرُجُ فِيهَا، وَمِنْ شَرِّ مَا ذَرَأَ فِي الْأَرْضِ، وَمِنْ شَرِّ مَا يَخْرُجُ مِنْهَا، وَمِنْ شَرِّ فِتَنِ اللَّيْلِ وَالنَّهَارِ، وَمِنْ شَرِّ كُلِّ طَارِقٍ إِلَّا طَارِقًا يَطْرُقُ بِخَيْرٍ يَا رَحْمَنُ
अऊज़ु बिकलिमातिल-लाहित-ताम्मातिल-लती ला युजाविज़ुहुन्ना बर्रुन व ला फ़ाजिरुन मिन शर्रि मा ख़लक़ा, व बरा-अ व ज़रा-अ, व मिन शर्रि मा यन्ज़िलु मिनस-समा-इ, व मिन शर्रि मा यअ-रुजु फ़ीहा, व मिन शर्रि मा ज़रा-अ फ़िल-अर्ज़ि, व मिन शर्रि मा यख़रुजु मिन्हा, व मिन शर्रि फ़ितनिल-लैल वन्नहारि, व मिन शर्रि कुल्लि तारिक़िन इल्ला तारिक़न यतरुक़ु बिख़ैरिन या रहमान.
मैं अल्लाह के पूरे (कामिल) कलिमों की पनाह लेता हूँ जिनसे आगे कोई नेक और बदकार नहीं बढ़ सकता, हर उस चीज़ की बुराई से जिसे उसने पैदा किया, और बनाया और फैलाया। [मैं पनाह लेता हूँ] उस बुराई से जो आसमान से उतरती है और जो उसमें चढ़ती है। [मैं पनाह लेता हूँ] उस बुराई से जो उसने ज़मीन में फैलाई है और जो उससे निकलती है, और रात और दिन के फितनों की बुराई से, और रात में आने वाले हर (बुरा) आने वाले की बुराई से, सिवाय उस आने वाले के जो भलाई के साथ आए, ऐ रहमान।
Reference: शेख़ अरनाऊत (रह.) ने इस वर्णन श्रृंखला को तख़रीजू लितहाबिय्याह में (पृ. १३३) सहीह माना है।