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Language: Hindi
أَصْبَحْنَا وَأَصْبَحَ الْمُلْكُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ، اَللَّهُـمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَ هَذَا الْيَوْمِ فَتْحَهُ، وَنَصْرَهُ، وَنُورَهُ، وَبَرَكَتَهُ، وَهُدَاهُ، وَأَعُوْذُ بِكَ مِنْ شَرِّ مَا فِيهِ وَشَرِّ مَا بَعْدَهُ
अस्बहना व अस्बहल-मुल्कु लिल्लाहि रब्बिल-आलमीन, अल्लाहुम्मा इन्नी अस-अलुका खैरा हाज़ल-यौमी, फत-हहु व नस्रहू व नूहू, व बरकतहू, व हुदाहू, व अऊज़ु बिका मिन शर्रि मा फीहि व शर्रि मा बादहू।
हमने सुबह की और इस वक्त (पूरी) बादशाही अल्लाह, रब्बुल आलमीन की है। ऐ अल्लाह, मैं तुझसे इस दिन की भलाई मांगता हूँ, इसकी जीत और इसकी मदद, इसका नूर और इसकी बरकत और इसकी हिदायत, और मैं तेरी पनाह चाहता हूँ इस दिन की बुराई से और इसके बाद आने वाली बुराई से।