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Language: Hindi
आईना देखते वक्त रसूल (ﷺ) यह दुआ किया करते थे:
اَللَّهُمَّ حَسَّنْتَ خَلْقِي فَأَحْسِنْ خُلُقِي
अल्लाहुम्मा हस्सन्ता ख़ल्क़ी फ़-अह-सिन ख़ुलुक़ी.
ऐ अल्लाह, जिस तरह तूने मेरी सूरत अच्छी बनाई है, मेरे अख़लाक (सीरत) भी अच्छे बना दे।
Reference: सहीह (अल्बानी)। मुसनद अहमद: ५०९९