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Language: Hindi
जब पैगंबर (ﷺ) को कोई परेशानी पेश आती तो वह कहते:
يَا حَيُّ يَا قَيُّومُ بِرَحْمَتِكَ أَسْتَغِيثُ
या हय्यु या क़य्यूमु बि-रहमतिका अस्तग़ीस.
ऐ हमेशा ज़िंदा रहने वाले, ऐ सबको थामने वाले! मैं तेरी रहमत के वास्ते से मदद मांगता हूँ।
Reference: हसन. तिर्मिज़ी: ३५२४