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Language: Hindi
أَمْسَيْنَا وَأَمْسَا الْمُلْكُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ، اللَّهُـمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَ هَذِهِ اللَّيْلَةِ :فَتْحَهَا، وَنَصْرَهَا، وَنُورَهَا، وَبَرَكَتَهَا، وَهُدَاهَا، وَأَعُوْذُ بِكَ مِنْ شَرِّ مَا فِيهَا وَشَرِّ مَا بَعْدَهَا
अमसयना व अमसल-मुल्कु लिल्लाहि रब्बिल-आलमीन, अल्लाहुम्मा इन्नी अस-अलुका खैरा हाज़िहिल-लैलति, फत-हहा व नस्रहा व नूहू, व बरकतहा, व हुदाहा, व अऊज़ु बिका मिन शर्रि मा फीहा व शर्रि मा बादहा।
हमने शाम की और इस वक्त (पूरी) बादशाही अल्लाह, रब्बुल आलमीन की है। ऐ अल्लाह, मैं तुझसे इस रात की भलाई मांगता हूँ, इसकी जीत और इसकी मदद, इसका नूर और इसकी बरकत और इसकी हिदायत, और मैं तेरी पनाह चाहता हूँ इस रात की बुराई से और इसके बाद आने वाली बुराई से।
Reference: अबू दाऊद ४/३२२, नं. ५०८४