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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ اِنَّا نَعُوْذُ بِكَ اَنْ نَرْجِعَ عَلٰى أَعْقَابِنَا أَوْ نُفْتَنَ عَنْ دِيْنِنَا.
अल्लाहुम्मा इन्ना नऊज़ु बिका अन नरजि-अ अला अ-क़ाबिना औ नुफ़्तना अन दीनिना.
ऐ अल्लाह, हम तेरी पनाह मांगते हैं इस बात से कि हम उल्टे पाँव लौट जाएँ (मुर्तद हो जाएँ), या हमारे दीन के बारे में हम फितने में डाल दिए जाएँ।
Reference: बुख़ारी: ६५९३