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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ قِنِيْ شَرَّ نَفْسِيْ، وَاعْزِمْ لِيْ عَلٰى أَرْشَدِ أَمْرِيْ اَللَّهُمَّ اغْفِرْ لِيْ مَا أَسْرَرْتُ وَمَا أَعْلَنْتُ، وَمَا أَخْطَأْتُ وَمَا عَمَدْتُّ، وَمَا جَهِلْتُ.
अल्लाहुम्मा क़िनी शर्र नफ़्सी, वअ-ज़िम ली अला अरशदि अमरी, अल्लाहुम्मग़-फ़िर ली मा असरर्तु व मा अ-लन्तु व मा अख़्ता-तु व मा अमद्तु व मा जहिल्तु.
ऐ अल्लाह, मुझे मेरे नफ़्स की बुराई से बचा। मुझे मेरे सबसे सही काम पर मज़बूत इरादा (अज़्म) दे। ऐ अल्लाह, मुझे माफ कर दे जो मैंने छिपकर किया, जो ज़ाहिर किया, जो गलती से किया, जो जानबूझकर किया, और जो नादानी में किया।
Reference: सहीह (शुएब अल-अरनाऊत)। मुसनद अहमद १९९९२