Loading...
Language: Hindi
اَللَّهُمَّ لَكَ رَكَعْتُ، وَبِكَ آمَنْتُ، وَلَكَ أَسْلَمْتُ، أَنْتَ رَبِّي، خَشَعَ لَكَ سَمْعِي وَبَصَرِي وَمُخِّي وَعَظْمِي وَعَصَبِي وَمَا اِسْتَقَلَّتْ بِهِ قَدَمِي لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ
अल्लाहुम्मा लका रकअतु व बिका आमन्तु व लका अस्लम्तु, अन्ता रब्बी ख़-श-अ लका समई व बसरी व मुख्खी व अज़्मी व असबी व मस्तक़ल्लत बिही क़दमी लिल्लाहि रब्बिल-आलमीन.
ऐ अल्लाह, मैंने तेरे लिए झुक गया, तुझ पर ईमान लाया, और तेरे लिए इस्लाम (आज्ञाकारिता) लाया (समर्पण किया)। तू मेरा रब है, झुक गई तेरे लिए मेरी सुनाई, मेरी दिखाई, मेरा दिमाग, मेरी हड्डियाँ, मेरे पट्ठे, और जो कुछ मेरे पैरों ने उठाया है (मेरा पूरा शरीर), अल्लाह के लिए जो सारे जहानों का रब है।
Reference: सहीह (अल-आयनी)। नुख़बुल अफ़कार ४/२४૭