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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ رَبَّنَا لَكَ الْحَمْدُ مِلْءَ السَّمَوَاتِ وَمِلْءَ الأَرْضِ وَمِلْءَ مَا شِئْتَ مِنْ شَىْءٍ بَعْدُ، اَللَّهُمَّ طَهِّرْنِي بِالثَّلْجِ وَالْبَرَدِ وَالْمَاءِ الْبَارِدِ اَللَّهُمَّ طَهِّرْنِي مِنَ الذُّنُوبِ وَالْخَطَايَا كَمَا يُنَقَّى الثَّوْبُ الأَبْيَضُ مِنَ الْوَسَخِ
अल्लाहुम्मा रब्बना लकल-हम्द, मिल-अस-समावाति व मिल-अल-अर्ज़ि व मिल-अ मा शिअ-त मिन शय-इन बादु, अल्लाहुम्मा तह-हिरनी बिस-सलजि वल-बरदि वल-माइल-बारिद, अल्लाहुम्मा तह-हिरनी मिनज़-ज़ुनूबि वल-ख़ताया कमा युनक्कस-सौबुल-अब्यज़ु मिनल-वसख़.
ऐ अल्लाह! हमारे रब, तेरे ही लिए तारीफ है जो आसमानों को भर दे, और ज़मीन को भर दे, और उसके बाद जो तू चाहे उसे भर दे। ऐ अल्लाह! मुझे बर्फ, ओलों और ठंडे पानी से पाक कर दे; ऐ अल्लाह, मुझे गुनाहों और गलतियों से ऐसे साफ कर दे जैसे सफेद कपड़ा मैल से साफ किया जाता है।
Reference: मुस्लिम: ४७६