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Language: Hindi
सफ़ा पहाड़ी पर चढ़ें और बैतुल्लाह की तरफ रुख करके अल्लाह की वहदानियत, बड़ाई और तारीफ बयान करें -
لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيْكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ يُحْيِي وَيُمِيْتُ وَهَوُ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيْرٌ، لَا إِلَهَ إِلَّا اَللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيْكَ لَهُ، أَنْجَزَ وَعْدَهُ، وَنَصَرَ عَبْدَهُ، وَهَزَمَ الْأَحْزَابَ وَحْدَةُ.
ला इलाहा इल्लल्लाहु वहदहू ला शरीका लहु, लहुल-मुल्कु व लहुल-हम्दु युह-यी व युमीतु व हुवा अला कुल्लि शय-इन क़दीर. ला इलाहा इल्लल्लाहु वहदहू ला शरीका लहु, अन्जज़ा वा-दहू व नसरा अब्दहू, व हज़मल-अहज़ाबा वहदह.
अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं। उसी की बादशाहत है और उसी के लिए तारीफ है। वही ज़िंदा करता है और मारता है, और वह हर चीज़ पर कादिर है। अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है... उसने अपना वादा पूरा किया, अपने बंदे की मदद की, और अकेले ही लश्करों को शिकस्त दी।
Reference: सहीह. इब्न माजा: २५१२