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Language: Hindi
नबी (ﷺ) पर १० बार दुरूद भेजें -
اَللَّھُمَّ صَلِّ عَلَی مُحَمَّدٍ وَّعَلَی آلِ مُحَمَّدٍ کَمَا صَلَّیْتَ عَلَی اِبْرَاھِیْمَ وَعَلَی آلِ اِبْرَاھِیْمَ اِنَّكَ حَمِیْدٌ مَّجِیْدٌ، اَللَّھُمَّ بَارِكْ عَلَی مُحَمَّدٍ وَّعَلَی آلِ مُحَمَّدٍ کَمَا بَارَکْتَ عَلَی اِبْرَاھِیْمَ وَعَلَی آلِ اِبْرَاھِیْمَ اِنَّكَ حَمِیْدٌ مَّجِیْدٌ
अल्लाहुम्मा सल्ली अला मुहम्मदिवं व अला आलि मुहम्मदिवं, कमा सल्लैता अला इब्राहीमा व अला आलि इब्राहीमा, इन्नका हमीदुम मजीद। अल्लाहुम्मा बारिक अला मुहम्मदिवं व अला आलि मुहम्मदिवं, कमा बारक्ता अला इब्राहीमा व अला आलि इब्राहीमा, इन्नका हमीदुम मजीद।
ऐ अल्लाह, मुहम्मद (ﷺ) पर और मुहम्मद (ﷺ) की औलाद पर रहमत नाज़िल कर, जैसा कि तूने इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) पर और इब्राहीम की औलाद पर रहमत नाज़िल की, बेशक तू तारीफ के काबिल, बुजुर्ग है। ऐ अल्लाह, मुहम्मद और मुहम्मद की औलाद पर बरकत नाज़िल कर, जैसा कि तूने इब्राहीम और इब्राहीम की औलाद पर बरकत नाज़िल की, बेशक तू तारीफ के काबिल, बुजुर्ग है। नबी (ﷺ) ने कहा: "जो कोई सुबह १० बार और शाम को १० बार मुझ पर दुरूद पढ़ता है, उसे कयामत के दिन मेरी शफाअत मिलेगी"।
Reference: अत-तबरानी, सहीह अत-तरग़ीब व अत-तरहीब १/२૭३