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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ اغْفِرْ لِيْ خَطَايَايَ وَذُنُوبِيْ كُلَّهَا، اَللَّهُمَّ انْعِشْنِيْ وَأَحْيِنِيْ وَارْزُقْنِيْ وَاهْدِنِيْ لِصَالِحِ الْأَعْمَالِ وَالْأَخْلَاقِ، إِنَّهٗ لَا يَهْدِيْ لِصَالِحِهَا وَلَا يَصْرِفُ سَيِّئَهَا إِلَّا أَنْتَ.
अल्लाहुम्मग़-फ़िर ली ख़तायाया व ज़ुनूबी कुल्लहा, अल्लाहुम्मन-अशनी व अहयिनी वर-ज़ुक़नी वह-दिनी लि-सालिहिल-अ-मालि वल-अख़लाक़ि, इन्नहू ला यहदी लि-सालिहिहा व ला यसरिफ़ु सय्यि-अहा इल्ला अन्त.
ऐ अल्लाह, मेरे तमाम गुनाह और गलतियां माफ कर दे। ऐ अल्लाह, मुझे इज़्ज़त दे, मुझे (अच्छी) ज़िंदगी दे, मुझे (हलाल) रिज़्क़ दे, और मुझे अच्छे आमाल और अखलाक की हिदायत दे, क्योंकि तेरे सिवा कोई अच्छे आमाल की हिदायत नहीं दे सकता और बुरे आमाल से नहीं बचा सकता।
Reference: हसन (अल्बानी)। सहीहुल जामेअ १६૭૭