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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ رَادَّ الضَّالَّةِ وَهَادِيَ الضَّلَالَةِ أَنْتَ تَهْدِيْ مِنَ الضَّلَالَةِ، اُرْدُدْ عَلَيَّ ضَالَّتِيْ بِقُدْرَتِكَ وَسُلْطَانِكَ فَإِنَّهَا مِنْ عَطَائِكَ وَفَضْلِكَ.
अल्लाहुम्मा राद्दद-ज़ाल्लति व हादियद-दलालति, अन्त तहदी मिनद-दलालति, उरदुद अलैया ज़ाल्लती बि-कुदरतिका व सुल्तानिका, फ़-इन्नहा मिन अता-इका व फ़ज़्लिक.
ऐ अल्लाह, खोई हुई चीज़ों को लौटाने वाले, और भटके हुओं को हिदायत देने वाले, तू ही गुमराही से हिदायत देता है। अपनी कुदरत और सुल्तानी से मेरी खोई हुई चीज़ मुझे लौटा दे, क्योंकि वह तेरी अता और तेरे फज़्म से है।
Reference: मवक़ूफ़ हसन (बैहक़ी)। अद-दअवातुल कबीर २/१८